तेल-कलश नृसिंह मंदिर जोशीमठ से पूजा अर्चना के पश्चात योग बदरी पांडुकेश्वर रवाना

जोशीमठ/पांडुकेश्वर। बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि तय करने की  प्रक्रिया में आज गाडूघड़ा ( तेल-कलश) श्री नृसिंह मंदिर  जोशीमठ से पूजा अर्चना पश्चात योग बदरी पांडुकेश्वर रवाना। पांडुकेश्वर कुबेर महायज्ञ तथा श्रीमदभागवत कथा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने योग बदरी मंदिर में दर्शन किये तथा तेलकलश का स्वागत किया‌
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट  खुलने की तिथि नरेंद्र नगर स्थित राजदरबार में  बसंत पंचमी 14 फरवरी  को  तय होनी है। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के कार्यक्रम हेतु मंदिर समिति  ने तैयारी शुरू कर दी गयी है मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने मंदिर समिति कर्मचारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किये है। 14 फरवरी को ही डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत  द्वारा गाडू घड़ा राजमहल को सौंपा जायेगा बाद में राजमहल से गाडू घड़ी में तिलों का तेल पिरोकर कपाट खुलने से पूर्व बदरीनाथ धाम पहुंचता है। कपाट खुलने के बाद यह तेलकलश भगवान बदरीविशाल के नित्य अभिषेक हेतु प्रयोग में लाया जाता है।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि धार्मिक रस्म के अंतर्गत आज रविवार को श्री नृसिंह मंदिर में बीकेटीसी ने तेलकलश को मंदिर भंडार से डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों के सुपुर्द किया गया। उसके बाद श्री नृसिंह मंदिर, वासुदेव मंदिर में पूजा अर्चना पश्चात  डिमरी पंचायत तथा मंदिर समिति अधिकारी गाडू घड़ा  के साथ  योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंचे जहां केरल के नंबूदरी संप्रदाय के श्री बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने पूजा-अर्चना संपन्न की। इससे पहले कुबेर देवरा समिति ने फूलमालाओं से उनका  भब्य स्वागत किया‌ तथा  बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने गाडू घड़ा तथा डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों की अगवानी की।

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